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Tokyo Olympic में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलेंगे BitCoin, 5 साल तक की होगी एसआईपी

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Tokyo Olympics 2020 में भारत को अब तक पांच पदक निश्चित हुए हैं. आज भारतीय पुरुष हॉकी ने 41 साल बाद ओलंपिक पदक का सूखा खत्म किया है और उन्होंने जर्मनी को हराकर कांस्य पदक हासिल किया है. अब इन पदक विजेताओं को सम्मानित करने के लिए एक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ने इन्हें लाखों रुपये की Bitcoin SIP देने का फैसला किया है. क्रिप्टो एक्सचेंज Bitbns के मुताबिक पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों का एसआईपी खाता खोला जाएगा. स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी की 2 लाख रुपये की बिटक्वाइन एसआईपी, सिल्वर मेडल जीतने वाले खिलाड़ी की 1 लाख रुपये और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी की 50 हजार रुपये की एसआईपी होगी. इसकी शुरुआत मीराबाई चानू और पीवी सिंधू से हो सकती है. चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल और सिंधू ने बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतकर दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं.
इन पदक विजेताओं को अपनी केवाईसी पूरी करनी होगी. इसके बाद कंपनी ने जिस राशि की एसआईपी को तय किया है, वह उनके खाते में ऑटो-क्रेडिट हो जाएगी. कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक एसआईपी 3-5 साल की अवधि के लिए है. इससे इन खिलाड़ियों के पास डिजिटल संपत्ति हो जाएगी और उनके पास लंबे समय में आय का एक फिक्स्ड सोर्स हो जाएगा.

हर दिन 100 रुपये में एसआईपी

एक्चेंज के बिटड्रॉपेलट एसपीपी (सिस्टमैटिक पर्चेज प्लान) के जरिए निवेशक क्रिप्टोकरेंसी में एसआईपी शुरू कर सकते हैं. यूजर्स हर दिन न्यूनतम 100 रुपये के हिसाब से बिटक्वाइन और इथेरम जैसी क्रिप्टोकरेंसीज में निवेश कर सकते हैं. इसके तहत दैनिक, साप्ताहिक, मासिक आधार पर किश्तों में निवेश किया जा सकता है. क्रिप्टोएक्सचेंज के फाउंडर और सीईओ गौरव दहके के मुताबिक पिछले दस सालों में बिटक्वाइन और इथेरम बेहतर परफॉर्मिंग वाले एसेट रहे हैं और निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है. दहके के मुताबिक ओलंपिक विजेताओं को इस रिटर्न का फायदा देने की उनकी कोशिश है.
क्रिप्टोएक्सचेंज पर यूपीआई के जरिए वॉलेट में रुपये जमा किए जा सकते हैं. इसके बाद ये पैसे अपने आप नियमित अंतराल पर (जो आपने चुना हो) क्रिप्टोकरेंसी में निवेश हो जाएंगे. इसे कैश कराने के लिए क्रिप्टोकरेंसी पर आसानी से इसकी बिक्री कर सकते हैं और प्लेटफॉर्म के जरिए यह वॉलेट से बैंक खाते में रिडीम हो जाएगा.

‘खेल में सर्वोत्तम देने की संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा’

दहके का कहना है कि ओलंपिक पदकों के लिए भारतीय युवा अपनी जिंदगी खर्च कर रहे हैं तो उनके लिए एक्सचेंज ने यह छोटी पहल शुरू की है. इससे भारत में खेल में अपना सर्वोत्तम देने की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा. दहके ने चानू, सिंधू और लोवलिनी बोर्गोहाई को मेडल जीतने के लिए बधाई दिया है. भारत ने अभी तक ओलंपिक में पांच पदक सुनिश्चित किए हैं. मीराबाई चानू ने सिल्वर और पीवी सिंधू ने कांस्य पदक जीते हैं.
भारतीय रेसलर रवि कुमार दहिया ने एक दिन पहले बुधवार को सेमीफाइनल मैच जीतकर सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर दिया है और अब फाइनल जीतकर उनके पास इसे गोल्ड में बदलने का मौका है. 2012 ओलंपिक के बाद से रेसलिंग में सुशील कुमार के बाद पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने ओलंपिक के फाइनल में प्रवेश किया है. इसके अलावा बॉक्सर लवलीना बोरगोहन ने 69 किग्रा वेट कैटगरी में सेमीफाइनल में पहुंच कर देश का तीसरा पदक पक्का कर लिया है. जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा भी 86.65 मीटर के थ्रो के फाइनल में पहुंच चुके हैं.
(आर्टिकल: संदीप सोनी)

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