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दिल्ली/एनसीआर

Delhi Dengue News: दिल्ली में कोरोना वायरस से कुछ राहत मिली तो बढ़ा डेंगू का खतरा

Dengue

नई दिल्ली [राहुल चौहान]। राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने से प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। डेंगू से पीड़ित मरीजों के परिजन प्लेटलेट्स के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जिन अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं हैं, उनमें भर्ती मरीजों के परिजन ब्लड बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। रेड क्रास सोसायटी के ब्लड बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक प्लेटलेट्स की मांग बढ़ने के कारण रेड क्रास ने 24 घंटे प्लेटलेट्स क्लेक्शन शुरू कर दिया है।

रेड क्रास सोसायटी ब्लड बैंक के एक विशेषज्ञ ने बताया कि ताजा ब्लड से ही प्लेटलेट्स बनाई जा सकती हैं। ब्लड लेने के छह घंटे के अंदर ही उससे प्लेटलेट्स बनाई जाती हैं। इसलिए प्लेटलेट्स के लिए कहीं शिविर लगाकर भी कलेक्शन नहीं किया जा सकता है। क्योंकि, रक्तदान शिविर लगाने से उसमें दिन भर का समय लग जाता है। जिससे रक्त को छह घंटे से ज्यादा का समय बीत सकता है। जिसके बाद वह रक्त प्लेटलेट्स के काम नहीं आ सकता। इसलिए प्लेटलेट्स के लिए लोगों को ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान करना या ब्लड बैंक के नजदीकी इलाके से भी कलेक्शन करके लाया जा सकता है। फिलहाल रेडक्रास के ब्लड बैंक में प्रतिदिन 60 से 70 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग आ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सिंगल डोनर प्लेटलेट्स के लिए डोनर को लाने की जरूरत होती है।

वहीं, साधारण प्लेटलेट्स के लिए ब्लड कलेक्शन करके ला सकते हैं, जिससे प्लेटलेट्स बनाईं जा सकती हैं। इसके लिए डोनर को लाने की जरूरत नहीं होती है। प्लेटलेट्स की लाइफ सिर्फ पांच दिन की होती है। विशेषज्ञ ने बताया कि पिछले पांच दिन से दिल्ली में प्लेटलेट्स की मांग काफी बढ़ गई है।

लोकनायक अस्पताल के ब्लड बैंक से मिली जानकारी के मुताबिक यहां भी पिछले 15 दिन से प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यहां प्रतिदन 50 यूनिट प्लेटलेट्स की मांग आ रही है।

कौन दान कर सकता है प्लेटलेट्स

प्लेटलेट्स वही व्यक्ति दान कर सकता है, जिसकी प्लेटलेट्स दो लाख से ज्यादा हो। प्लेटलेट्स निकालने के बाद व्यक्ति में प्लेटलेट्स की संख्या एक साथ 30 हजार कम हो जाती है। इसलिए दो लाख से कम प्लेटलेट्स वाले व्यक्ति से प्लेटलेट्स के लिए कलेक्शन नहीं किया जाता है। प्लेटेलेट्स को ज्यादा दूर तक भी नहीं ले जा सकते हैं, इसके लिए कमरे का तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए। इस तापमान से बाहर आने के आधे से पौने घंटे तक प्लेटलेट्स चढ़ जानी चाहिए।

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