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जीएसटी अधिकारियों ने भारतपे के खिलाफ टैक्‍स चोरी की जांच का दायरा बढ़ाया

माल एवं सेवा कर (GST) अधिकारियों ने वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी भारतपे (BharatPe) के खिलाफ जीएसटी की कथित चोरी के मामले में चल रही अपनी जांच के दायरे को बढ़ाया है. एक अधिकारी की तरफ से यह जानकारी दी गई.

नई द‍िल्‍ली : माल एवं सेवा कर (GST) अधिकारियों ने वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी भारतपे (BharatPe) के खिलाफ जीएसटी की कथित चोरी के मामले में चल रही अपनी जांच के दायरे को बढ़ाया है. एक अधिकारी की तरफ से यह जानकारी दी गई. जीएसटी अधिकारी अब कंपनी से हटाए जा चुके को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर के नजदीकी लोगों द्वारा फर्जी बिलों या चालान की भी जांच करेंगे.

चार साल के अकाउंट की जांच हो रही

जीएसटी अधिकारी कंपनी के पिछले चार साल के अकाउंट की जांच कर रहे हैं. इसके जरिये वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सर्व‍िस के लिए फर्जी बिल जारी किए गए हैं. भारतपे के निदेशक मंडल ने पूर्व प्रबंध निदेशक ग्रोवर और उनकी पत्नी माधुरी जैन को कथित अनियमितताओं का दोषी पाए जाने के बाद कंपनी में सभी पदों से हटा दिया था. जीएसटी अधिकारी पिछले साल से भारतपे के खिलाफ बिना किसी माल की आपूर्ति के बिल जारी करने के आरोपों की जांच कर रहे हैं.

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जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (DGGI) ने पिछले साल अक्टूबर में वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी के मुख्य कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया था. एक अधिकारी ने बताया, ‘कंपनी के खिलाफ बिना माल की आपूर्ति किये चालान जारी कर जीएसटी की कथित चोरी करने को लेकर जांच चल रही है. माधुरी जैन के खिलाफ हाल में आरोपों के बाद हम अब बिना कोई सेवा दिए फर्जी बिल जारी करने के मामले की भी जांच कर रहे हैं.’

गौरतलब है क‍ि जीएसटी कानून विभाग को पिछले पांच वर्षों से किसी भी कंपनी के खातों की जांच करने की अनुमति देता है. भारतपे के निदेशक मंडल ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद अधिक विस्तृत जांच करने के लिए एक विधि कंपनी और जोखिम सलाहकारों को नियुक्त किया है.

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