All for Joomla All for Webmasters
जरूरी खबर

कुछ बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनियां उड़ा रही हैं FDI नियमों की धज्जियां, सख्त कार्रवाई जरूरी: CAIT

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा कि कुछ बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनियां विदेशी निवेश दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ा रही हैं। इस संबंध में सख्त कार्रवाई की जरूरत है वरना एफडीआई नीति लागू करने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा।

नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत के सबसे बड़े व्यापारी संघ CAIT ने मंगलवार को कहा कि कुछ बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स दिग्गज विदेशी निवेश दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। CAIT ने इनके खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की मांग की है। ई-कॉमर्स नीति पर एक श्वेतपत्र जारी करते हुए, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा कि ई-कॉमर्स संस्थाओं ने “विक्रेताओं के साथ बाज़ार के रूप में अपने संबंधों को इस तरह से संरचित किया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म या इन्वेंट्री पर विक्रेता को नियंत्रित करने की स्थिति में हैं और प्रवर्तन एजेंसियों की जांच से भी बच सकते हैं।”

इसने कहा, “विक्रेताओं पर इस तरह के नियंत्रण या स्वामित्व की आड़ लेना का यह मुद्दा केवल एफडीआई नीति का उल्लंघन होने से लेकर प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण तक भी व्याप्त है।” CAIT ने कहा, “कानून को अक्षरश: लागू करने के लिए शमन उपाय और सख्त कार्रवाई जरूरी है।” इसने कहा कि अन्यथा ई-कॉमर्स के लिए एफडीआई नीति घरेलू निर्माताओं, व्यापारियों, विक्रेताओं, एमएसएमई, स्टार्ट-अप और खुदरा क्षेत्र में समान अवसर पैदा करने के हितों को पूरा करने के अपने उद्देश्य में विफल हो जाएगी।

CAIT ने कहा कि सरकार की नीति सिंगल-ब्रांड रिटेल ट्रेडिंग (SBRT) और B2B कैश एंड कैरी में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति देती है। हालांकि, बहु-ब्रांड खुदरा व्यापार (MBRT) के मामले में, एमएसएमई और छोटे व्यापारियों के व्यापार की रक्षा के लिए बड़ी संख्या में शर्तों के साथ केवल सरकारी अनुमोदन मार्ग के माध्यम से 51 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति है।

कहा गया है कि क्योंकि इन्वेंट्री-आधारित ई-कॉमर्स और कुछ नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एक मल्टी-ब्रांड रिटेल स्टोर का संचालन है, इसलिए एफडीआई नीति के तहत ई-कॉमर्स के ऐसे मॉडल के मामले में किसी भी एफडीआई की अनुमति नहीं है।

हालांकि, प्रौद्योगिकी के प्रसार को सक्षम करने के लिए स्वचालित मार्ग के माध्यम से 100 प्रतिशत एफडीआई को ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म स्थापित करने की अनुमति दी गई है, जिससे एमएसएमई और किरानाओं की मदद हो सकती है।

Source :
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

लोकप्रिय

To Top