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महाराष्ट्र: दही हांडी पर प्रतिबंध से खड़ा हुआ सियासी बवाल, BJP-MNS बोली हम तो मनाएंगे

मुंबई. महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव पर प्रतिबंध को लेकर सियासी हंगामा शुरू हो गया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (MNS) ने साफ कर दिया है कि राज्य में दही हांडी मनाई जाएगी. इस दौरान बीजेपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट की तरफ से त्यौहार पर लगाए गई पाबंदी पर शिवसेना (Shivsena) को सालों पुरानी प्रतिक्रिया याद दिलाई. तब शिवसेना ने कोर्ट के फैसले पर ऐतराज जताया था. राज्य की पुलिस भी सरकारी आदेश जारी होने के बाद सतर्क हो गई है. मुंबई में पुलिस ने लोगों को गिरफ्तारी और कार्रवाई की चेतावनी जारी कर दी है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी ‘मंडलों’ से नागरिकों के स्वास्थ्य को तवज्जो देने की अपील की थी.

मंगलवार को बीजेपी के राम कदम ने कहा कि सरकार को ज्यादा से ज्यादा पांच पूरी तरह टीकाकरण करा चुके लोगों को कोविड नियमों के पालन के साथ त्यौहार मनाने की अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘भले ही ठाकरे सरकार पुलिस बल का गलत इस्तेमाल करे, हम दही हांडी मनाएंगे.’ इससे पहले बीजेपी विधायक और महाराष्ट्र विधानसभा में प्रमुख व्हिप आशीष शेलार ने कहा था, ‘क्या यह सरकार तालिबान से आदेश ले रही है? महाराष्ट्र में क्यों सभी हिंदू त्यौहारों पर पाबंदी लगाई गई है?’

उन्होंने दावा किया कि शिवसेना ‘हिंदुत्व’ के साथ समझौता कर रही है. शेलार ने कहा कि यह वही पार्टी है, जिसने बॉम्बे हाईकोर्ट के इंसानी पिरामिड की ऊंचाई को प्रतिबंध करने पर विरोध जताया था. ‘कुछ सालों पहले जब कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को पिरामिड की ऊंचाई पर पाबंदी लगाने के आदेश दिए थे, तब शिवसेना ने इसका विरोध किया था. यह वही शिवसेना थी, जिसने पूछा था, ‘अगर अब भारत में पाबंदियां लगेंगी, तो क्या हम पाकिस्तान जाकर दही हांडी मनाएं.”

एमएनएस के पालघर जिले के अध्यक्ष अविनाश जाधव ने कहा है कि वे तय योजना के साथ ही दही हांडी मनाएंगे. उन्होंने कहा कि 40 से ज्यादा मंडलों ने पहले ही कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है. जाधव ने कहा, ‘अगर बीजेपी बड़ी रैलियां आयोजित कर सकती है, शिवसेना विरोध प्रदर्शन कर सकती है, तो हमारे युवा क्यों जन्माष्टमी नहीं मना सकते?’ कई मंडलों ने संकेत दिए हैं कि वे कोविड की पाबंदियों के बाद भी गोकुलाष्टमी पर इंसानी पिरामिड तैयार करेंगे.

राज्य में कोविड-19 के चलते लगातार दूसरे वर्ष भी गणेशोत्सव पर सीमित जश्न होगा. राज्य सरकार ने भगवान गणेश की मूर्तियों की ऊंचाई में कमी समेत कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सार्वजनिक मंडलों में गणेश प्रतिमाओं की ऊंचाई की सीमा 4 फीट तय की गई है. जबकि, घर में यह ऊंचाई दो फीट है. ‘आरती’ के दौरान अब तक भीड़ लगाने की अनुमति नहीं है. साथ ही सरकार ने जुलूस की भी मंजूरी नहीं दी है. 10 दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव की शुरुआत 10 सितंबर से हो रही है.

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