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दिल्ली-NCR में बढ़ने लगा वायु प्रदूषण, आज से लागू हो सकता है ग्रैप-1, जानें किन-किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

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Delhi-NCR Pollution: साल 2021 में एक अधिनियम द्वारा स्थापित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 3 दिन पहले तक के पूर्वानुमानों के आधार पर वायु प्रदूषण विरोधी उपायों के सक्रिय कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पिछले साल जुलाई में जीआरएपी में संशोधन किया था.

नई दिल्ली: सर्दियों के मौसम के दौरान दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) आज से सक्रिय हो रहा है. दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को औसत AQI 166 यानी ‘मध्यम’ श्रेणी में था, जबकि 5 स्टेशन ‘खराब’ श्रेणी में थे. अगले कुछ दिनों तक हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ रहने की संभावना है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों से पता चलता है कि मुंडका, डीयू में नॉर्थ कैंपस, एनएसआईटी द्वारका, इहबास दिलशाद गार्डन और वज़ीरपुर ‘खराब’ श्रेणी में थे, मुंडका 279 के एक्यूआई के साथ सबसे प्रदूषित था. एक अधिकारी ने कहा, ‘जैसे-जैसे दिल्ली में ठंड बढ़ेगी, हवा की गुणवत्ता खराब होने लगेगी. शांत हवा की स्थिति, कम तापमान और अन्य मौसम संबंधी कारक प्रदूषकों के राष्ट्रीय राजधानी के आसमान में फंसने का कारण बनेंगे.’

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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), जो एक स्वायत्त निकाय है और जिसे दिल्ली और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार करने का काम सौंपा गया है, उसने पिछले साल और फिर इस साल जुलाई में जीआरएपी में महत्वपूर्ण बदलाव किए. ग्रैप में किए गए नए परिवर्तनों में पुराने वाहनों के संचालन पर कड़े प्रतिबंध और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 अंक से अधिक होने पर भोजनालयों, रेस्तरां और होटलों में कोयले और जलाऊ लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है. इसके अलावा, यदि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से अधिक हो जाता है, तो बीएस III पेट्रोल और बीएस IV डीजल चार पहिया वाहनों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बौद्ध नगर सहित आसपास के इलाकों में तुरंत प्रतिबंधित कर दिया जाएगा.

तीन दिन पूर्व के अनुमानों पर दिल्ली-एनसीआर में लागू होगा ग्रैप
साल 2021 में एक अधिनियम द्वारा स्थापित वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 3 दिन पहले तक के पूर्वानुमानों के आधार पर वायु प्रदूषण विरोधी उपायों के सक्रिय कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पिछले साल जुलाई में जीआरएपी में संशोधन किया था. ग्रैप नियमों में संशोधन से पहले, प्रदूषण स्तर एक विशिष्ट सीमा तक पहुंचने के बाद निर्माण और विध्वंस गतिविधियों, हाई एमिशन वाले वाहनों के प्रवेश और कोयले और जलाऊ लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाता था. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए GRAP को दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता के आधार पर चार चरणों में वर्गीकृत किया गया है: चरण I – ‘खराब’ (AQI 201-300); स्टेज II – ‘बहुत खराब’ (AQI 301-400); स्टेज III – ‘गंभीर’ (AQI 401-450); और स्टेज IV – ‘अति गंभीर’ (AQI >450).

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AQI के 200 का आंकड़ा पार करते ही इफेक्ट में आ जाएगा ग्रैप
संशोधित ग्रैप का स्टेज 1, पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों से संबंधित सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को सख्ती से लागू करने की सिफारिश करता है. इसमें AQI के 200 का आंकड़ा पार करते ही भोजनालयों, रेस्तरां और होटलों में कोयले और जलाऊ लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है, जिसे पहले स्टेज 2 (AQI 300 से ऊपर जाने पर) के तहत लागू किया जाता था. संशोधित ग्रैप में पेश किए गए नए उपायों में स्टेज 2 के तहत क्षेत्र के सभी चिन्हित हॉटस्पॉट पर वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई शामिल है. ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के स्टेज 3 के तहत, राज्यों को दिल्ली और चुनिंदा पड़ोसी क्षेत्रों में बीएस III पेट्रोल और बीएस IV डीजल चार पहिया वाहनों के संचालन पर सख्त प्रतिबंध लगाना होगा.

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अगर AQI 400 के ऊपर गया तो लागू हो जाएगा ग्रैप का स्टेज-3
ऐसी स्थितियों के दौरान कक्षा V तक के बच्चों के लिए स्कूलों में शारीरिक कक्षाएं बंद रहेंगी, जैसा कि CAQM द्वारा सुझाया गया है. यदि AQI 450 से अधिक होता है, तो आवश्यक वस्तुओं के परिवहन या आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वालों को छोड़कर, दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI डीजल, इलेक्ट्रिक और CNG चार पहिया वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. जीआरएपी के विभिन्न चरणों में उल्लिखित अन्य सभी मौजूदा उपाय प्रभावी रहेंगे. इस साल जीआरएपी में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि एनसीआर राज्य सरकारें दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में बीएस-III पेट्रोल और बीएस-IV डीजल लाइट-मोटर चार पहिया वाहनों के संचालन पर सख्त प्रतिबंध लगाएंगी. पिछले साल ये प्रतिबंध सिर्फ दिल्ली के लिए थे.

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