वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) एक फरवरी 2023 को पांचवां केंद्रीय बजट (Union Budget 2023) पेश करेंगी. अगले साल आम चुनाव से पहले मोदी 2.0 सरकार का यह आखिरी पूर्ण बजट होगा. निर्मला सीतारमण ऐसे समय में बजट पेश करेंगी, जब वैश्विक आर्थिक गतिविधि व्यापक रूप से स्लोडाउन का सामना कर रही है. महंगाई दर (Inflation Rate) हाई लेवल पर है. केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों ने इजाफा किया है और कंज्यूमर खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है.
बिजनेस टुडे बैंकिंग एंड इकोनॉमी समिट में भारत के टॉप चीफ इकोनॉमिस्ट (जिनमें बैंक ऑफ बड़ौदा के मदन सबनवीस, एक्सिस बैंक के सौगत भट्टाचार्य और क्रिसिल के डीके जोशी शामिल थे) ने भारतीय अर्थव्यवस्था, महंगाई दर, दरों में बढ़ोतरी और प्रमुख अन्य मैक्रोइकॉनॉमिक पर अपने विचार साझा किए.
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भारतीय अर्थव्यवस्था
मदन सबनवीस ने कहा कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत स्थिर स्थिति में है. उन्होंने कहा- ‘हम हाल के कोविड समय और उसके बाद के लॉकडाउन के बाद लगभग 7 प्रतिशत की स्थिर विकास दर पर वापस आ गए हैं. हम 2023-2024 के लिए 6-6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर की तलाश कर रहे हैं. सबनवीस ने कहा- ‘7-8 फीसदी की ग्रोथ हासिल करने में भारत को 2-3 साल और लगेंगे.’
क्रिसिल (CRISIL) के डीके जोशी ने सबनवीस के साथ सहमति व्यक्त की और कहा कि विकास के कारणों में से एक यह है कि कोविड किसी तरह की परेशानी नहीं खड़ी कर रहा. इसलिए, सर्विसेज और कॉन्टैक्ट इंटेंसिव जैसे सेगमेंट मजबूत ग्रोथ दिखा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आप निजी खपत और निवेश के प्रति डेवलपमेंट के कुछ रिबैलेंसिंग ग्रोथ भी दे सकते हैं. यह भी एक पॉजिटिव संकेत है.
एक्सिस बैंक के सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि सब कुछ अच्छा लग रहा है. हालांकि, उनके अनुसार, एक बड़ा जोखिम किसी बाहरी सेक्टर से मंदी की आशंका की वजह से आएगा. वैश्विक मंदी वर्तमान में बड़ा मुद्दा है. बढ़ते रेपो रेट पर शौगत भट्टाचार्य ने कहा कि लगता है कि हमने कमोबेश दरों में सख्ती का साइकिल पूरा कर लिया है. उम्मीद है कि हम नरमी देखना शुरू कर देंगे.
महंगाई
नवंबर के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति की दर 21 महीने के निचले स्तर 5.85 प्रतिशत पर आ गई. महंगाई पर अपने विचार साझा करते हुए जोशी ने कहा कि पूरी गिरावट सब्जियों की कीमतों के कारण है. अगर आप सब्जी की महंगाई को निकाल दें तो यह आंकड़ा करीब 7.2 फीसदी पर आ जाएगा. सबनवीस ने कहा कि अगली MPC की बैठक में रिजर्व बैंक ब्याज दरों में और इजाफा कर सकता है.
पेंशन
पुरानी पेंशन योजना (OPS) पर अपने विचार साझा करते हुए जोशी ने कहा कि यह योजना बिना फंड वाली पेंशन है. यह एक प्रेशर पॉइंट है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि अनफंडेड पेंशन योजनाए किसी समय अत्यधिक राजकोषीय तनाव का कारण बनती हैं. नई पेंशन योजना बहुत बेहतर है क्योंकि कम से कम इसके लिए फंड तो है. यह लोगों के लिए अच्छा लग सकता है. लेकिन मुझे लगता है कि वित्तीय स्थिति के दृष्टिकोण से यह एक अत्यधिक तनाव है जो बाद में दिखाई देगा.
भट्टाचार्य ने कहा कि ओपीएस एक डिजास्टर होगा. ये एक टाइम बम की तरह है. समस्या ये है कि यह पहले से ही शीर्ष पर बैठे बहुत से लोगों को लाभान्वित कर रहा है. वे कहते हैं कि सभी खर्चों की गणना करने पर आपके पास डेवलपमेंट खर्च के लिए 10-15 प्रतिशत हिस्सा होता है. उन्होंने कहा कि सस्टेनेबल नहीं है.
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केंद्रीय बजट 2023 से अपनी अपेक्षाओं को साझा करते हुए, भट्टाचार्य ने कहा कि एसेट मॉनिटाइजेशन और विनिवेश को आगामी बजट का आधार बनाने की आवश्यकता है. इसके अलावा सरकार कैपेक्स वाले हिस्से पर भी ध्यान दे सकती है.