All for Joomla All for Webmasters
जरूरी खबर

दुनिया में पहली बार एयर इंडिया ने की सबसे बड़ी डील

air_india

टाटा ग्रुप की एयर इंडिया ने विमानों का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर दिया है. एयर इंडिया ने कुल 470 विमानों की खरीद पक्की की है. यह विमानन इतिहास की सबसे बड़ी डील बन गई है. इस सौदे पर मोदी ने बाइडेन और माक्रों से बात की.

एयर इंडिया ने मंगलवार को एयरबस और बोइंग से रिकॉर्ड 470 जेट्स के लिए सौदों की घोषणा की. इस खरीद के साथ ही एयर इंडिया ने विमानन उद्योग में इतिहास रच दिया है. इससे पहले अमेरिकन एयरलाइंस ने एक दशक पहले एक साथ 460 विमानों का ऑर्डर दिया था.

ये भी पढ़ें– Gold Price Today: सोने के रेट में रिकॉर्डतोड़ गिरावट, सर्राफा बाजार में लुढ़के भाव, यहां है सबसे सस्ता गोल्ड

टाटा समूह ने विमानन दिग्गज बोइंग और एयरबस से खरीद का करार किया है. भारतीय समूह टाटा संस के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि वह फ्रांस की एयरोस्पेस दिग्गज एयरबस से 250 विमान और उसकी अमेरिकी प्रतिद्वंद्वी बोइंग से 220 विमान खरीदेगी.

ये भी पढ़ें– Old Pension की मांग पर बड़ा अपडेट! मोदी सरकार उठाएगी यह कदम, राज्‍यों में भी लागू होगा न‍ियम

कितनी बड़ी है डील

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा, “यह ऑर्डर एयर इंडिया की महत्वाकांक्षा को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है.” उन्होंने कहा, “ये नए विमान एयरलाइन के बेड़े का आधुनिकीकरण करेंगे और वैश्विक नेटवर्क में नाटकीय रूप से इसका विस्तार करेंगे.”

ये भी पढ़ें– FY2022-23 के लिए PF पर 8% ब्याज दर तय कर सकती है सरकार, CBT के एक महीने के भीतर मिलने की संभावना

एयर इंडिया ने कहा कि नए विमानों की पहली खेप 2023 के मध्य में प्रवेश करेगी, जबकि ऑर्डर का बड़ा हिस्सा 2025 तक पूरा हो जाएगा. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पूरे 470 विमानों के सौदे की कीमत 70 से 80 अरब डॉलर के बीच होगी.

सौदे पर नेताओं ने दी बधाई

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस समझौते को “ऐतिहासिक” बताया और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर इस पर चर्चा की. बाइडेन ने कहा, “मुझे आज एयर इंडिया और बोइंग के बीच हुए समझौते और खरीद की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है.” बाइडेन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर वे भारत और अमेरिका के बीच के संबंध को और गहरा करने की उम्मीद कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें– Adani-Hindenburg Saga: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने RBI और सेबी प्रमुखों से अडानी समूह के मामले की जांच के लिए किया आग्रह

मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों से एयर इंडिया और एयरबस के बीच हुए सौदे पर वर्चुअल बैठक की. मोदी ने माक्रों से बातचीत में कहा, “यह महत्वपूर्ण डील भारत और फ्रांस के गहराते संबंधों के साथ-साथ, भारत के सिविल एविएशन सेक्टर की सफलताओं और आकांक्षाओं को भी दर्शाती है. आज हमारा नागरिक उड्डयन क्षेत्र भारत के विकास का अभिन्न हिस्सा है. नागरिक उड्डयन को मजबूत करना हमारी राष्ट्रीय अवसंरचना रणनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू है.”

विश्व बाजार पर एयर इंडिया की नजर

मोदी के साथ वर्चुअल बैठक में माक्रों ने कहा, “यह उपलब्धि दर्शाती है कि एयरबस और उसके सभी फ्रांसीसी साझेदार भारतीय बाजार को लेकर प्रतिबद्ध हैं. वे नए क्षेत्रों को विकसित करने के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं.”

माक्रों ने इस समझौते को भारत-फ्रांस के गहरे रणनीतिक रिश्ते में मील का पत्थर करार दिया. चंद्रशेखरन ने कहा कि एयरबस और टाटा बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं और भविष्य में किसी समय वाणिज्यिक विमान निर्माण देश में लाने की महत्वाकांक्षा भी शामिल है.

टाटा को कौन से विमान मिलेंगे

टाटा के चेयरमैन ने कहा कि एयरबस को दिए ऑर्डर में 210 A320 नियो नैरोबॉडी विमान और 40 ए 350 बड़े आकार के एयरक्राफ्ट शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल एयर इंडिया लंबी दूरी की उड़ानों के लिए करेगी.

वहीं बोइंग एयर इंडिया को 190 737 मैक्स, 787 के 20 ड्रीमलाइनर्स विमान और 10 विमान 777एक्स श्रेणी के इस डील में सप्लाई करेगी. एयरबस के एक अधिकारी ने कहा कि अन्य 25 एयरबस जेट को लीज पर देने के साथ कुल अधिग्रहण 495 विमान तक पहुंच गया है.

एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैम्बल विल्सन कंपनी को विश्व स्तरीय एयरलाइन के रूप में अपनी प्रतिष्ठा दोबारा हासिल करने की कोशिश में जुटे हुए हैं. वे पुराने बेड़े और खराब सेवा के साथ एक सुस्त एयरलाइन की छवि को बदलने पर काम कर रहे हैं.

बड़ा बाजार बन रहा है भारत

स्वतंत्र विमानन सलाहकार बरट्रांड ग्रेबोव्स्की के मुताबिक “यह उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन के बाजार में हाल की उथल-पुथल को देखते हुए वैकल्पिक विकास बाजार भारत है.”

साथ ही उन्होंने कहा, “भारत एक मजबूत राजनीतिक संकेत भी भेज रहा है कि वह ऐसे समय में पश्चिम देशों से जुड़ा रहना चाहता है जब वह रूस पर पश्चिम के प्रतिबंधों पर अस्पष्ट दिखाई दे रहा है.”

बिट्रेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी सौदे पर कहा है कि इससे नई नौकरियां पैदा होंगी. दरअसल एयरबस को इंजन देने वाली रॉल्स रॉयस भी इस सौदे में शामिल है.

रिकॉर्ड ऑर्डर का उद्देश्य एयर इंडिया को बड़ी वैश्विक एयरलाइनों की लीग में लाना है और इसे ऐसे समय में योजना निर्माताओं और सप्लायरों के लिए एक प्रभावशाली ग्राहक बनाना है जब देश के घरेलू बाजार में कोविड-19 के बाद यात्रा में भारी उछाल देखा जा रहा है.

एए/वीके (एपी, रॉयटर्स)

Source :
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लोकप्रिय

To Top