All for Joomla All for Webmasters
शेयर बाजार

शेयर बाजार के अच्छे दिन लौटे! नेट बायर बने विदेशी निवेशक, क्या सच में विदेशों से आया जमकर पैसा या बात कुछ और?

FPI Turned Net Buyers: विदेशी निवेशकों ने मार्च में शुद्ध रूप से खरीदारी की है. इससे पिछले 2 महीने में वह बिकवाल बने हुए थे. हालांकि, इसमें एक कंपनी के निवेशकों का बड़ा योगदान है.

नई दिल्ली. लगातार दो माह तक निकासी के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च में भारतीय शेयर बाजार में 7,936 करोड़ रुपये का निवेश किया है. अमेरिका की जीक्यूजी पार्टनर्स द्वारा अडानी समूह की कंपनियों में पैसा लगाने से एफपीआई का निवेश मार्च में सकारात्मक रहा है. जीएलसी वेल्थ एडवाइजर एलएलपी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संचित गर्ग ने कहा कि यदि अडानी समूह की कंपनियों में आए निवेश को निकाल दिया जाए, तो मार्च में एफपीआई का शुद्ध निवेश नकारात्मक हो जाएगा.

ये भी पढ़ें– 7ty Pay Commission: सरकार का DA Hike से इनकार, सरकारी कर्मचार‍ियों ने काटा बवाल; कर ली यह बड़ी प्‍लान‍िंग

इसका मतलब है कि मार्च में भी एफपीआई बिकवाल ही रहे हैं. जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार V.K. विजयकुमार ने कहा, ‘‘विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का लगातार बिकवाली का सिलसिला खत्म होता दिख रहा है. पिछले कुछ सत्रों से वे खरीदार बन गए हैं.’’विजयकुमार ने कहा, ‘‘एफपीआई का दृष्टिकोण निकट भविष्य में अब और अधिक सकारात्मक दिखता है. भले ही भारतीय (कंपनियों का) मूल्यांकन अभी भी अधिक बना हुआ है, लेकिन हाल के समय में बाजार में जो करेक्शन (गिरावट) हुई है उससे अब मूल्यांकन कुछ ठीक हो गया है.’’

ये भी पढ़ें– Bank FD: एफडी पर जबरदस्त ब्याज दे रहा है ये बैंक, टैक्स बचाने का बेहतरीन मौका; नई दरें लागू

आगे आक्रामक बिकवाली नहीं
विजयकुमार का कहना है कि निर्यात में बढ़ोतरी की वजह से चालू खाता घाटे की स्थिति सुधरी है. ऐसे में एफपीआई आगे संभवत: आक्रामक तरीके से बिकवाली नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि बीते वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में चालू खाते का घाटा 4.4 प्रतिशत था. तीसरी तिमाही में चालू खाता सरप्लस में रहा. इसलिए आगे चलकर भारतीय रुपये के स्थिर रहने की संभावना है.

आंकड़ों में समझें निवेश
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने मार्च में भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 7,396 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इससे पहले फरवरी में उन्होंने 5,294 करोड़ रुपये और जनवरी में 28,852 करोड़ रुपये की निकासी की थी. दिसंबर, 2022 में भी एफपीआई ने शुद्ध रूप से 11,119 करोड़ रुपये का निवेश किया था. समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने ऋण या बॉन्ड बाजार से भी 2,505 करोड़ रुपये निकाले हैं. जनवरी में उन्होंने बॉन्ड बाजार में 3,531 करोड़ रुपये और फरवरी में 2,436 करोड़ रुपये डाले थे.

घाटे में ट्रेड कर रहा बाजार
यह खबर लिखे जाने तक बीएसई का सेंसेक्स 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 58,962 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी लगभग फ्लैट बना हुआ है और 17360 पर ट्रेड कर रहा है.

Source :
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लोकप्रिय

To Top