Swiggy IPO: ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी को IPO लाने के लिए अपने शेयरधारकों से मंजूरी मिल गई है। स्विगी के आईपीओ में 6,664 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा शेयरधारक ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) के जरिए बेचेंगे।
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वहीं 3,750 करोड़ रुपये के नए शेयर भी जारी किए जाएंगे। स्विगी को आईपीओ लाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गयी है, मगर इसने अभी तक मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के साथ अपने आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल नहीं किए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार प्री-आईपीओ के जरिेए स्विगी एंकर निवेशकों से लगभग 750 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।
कौन है स्विगी का सबसे बड़ा इंवेस्टर
स्विगी का आईपीओ नए जमाने के स्टार्टअप्स के एक ग्रुप का हिस्सा है, जो इस साल लिस्ट होने के लिए तैयार हैं। इनमें ओमनीचैनल रिटेलर फर्स्टक्राई, ओला इलेक्ट्रिक और एएफएफआईस जैसे अन्य स्टार्टअप भी शामिल हैं। बता दें कि नीदरलैंड लिस्टेड Prosus स्विगी में 33% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी निवेशक है।
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और कौन-कौन हैं स्विगी के निवेशक
Prosus के अलावा स्विगी के अन्य शेयरधारकों में सॉफ्टबैंक, एक्सेल, एलिवेशन कैपिटल, मीटुआन, नॉरवेस्ट वेंचर पार्टनर्स, टेनसेंट, डीएसटी ग्लोबल, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, कोट्यू, अल्फा वेव ग्लोबल, इनवेस्को, हिलहाउस कैपिटल ग्रुप और जीआईसी शामिल हैं।
फाउंडरों के पास कितनी है हिस्सेदारी
कंपनी के को-फाउंडरों श्रीहर्ष मजेटी, नंदन रेड्डी और राहुल जैमिनी के पास क्रमश: 4%, 1.6% और 1.2% हिस्सेदारी है।
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स्विगी को दिसंबर 2023 तक नौ महीनों में 20.7 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ, जबकि इसी अवधि के दौरान इसकी इनकम 1.02 अरब डॉलर रही। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इसकी इनकम 1.05 अरब डॉलर थी।