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आइपीओ में निवेश करते समय रखें इन बातों का ध्यान रखने से होगा ज्यादा लाभ, पढ़ें पूरी जानकारी

IPO

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। पिछले कुछ महीनों में कई सारी कंपनियों ने अपने आइपीओ लॉन्च किए हैं। फूड डिलिवरी ब्रांड से लेकर डिजिटल भुगतान सेवा की सेवा प्रदान करने वाली कई सारी कंपनियां अपने आइपीओ लॉन्च कर चुकी हैं। हाल के दिनों में पेटिएम, पॉलिसीबाजार, फिनो पेमेंट बैंक और सिगाची जैसी बड़ी कंपनियों के आइपीओ मार्केट में लॉन्च हुए हैं। इस साल जुलाई से सितंबर तक की अवधि में 11 कंपनियों ने अपने आइपीओ को मार्केट में उतारा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 175 फीसद ज्यादा है। कई सारे लोगों ने इन कंपनियों के आइपीओ में अपना पैसा भी लगाया था। लेकिन, कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि, लोग आइपीओ में पैसा लगाते वक्त कुछ बेसिक बातों का ध्यान नहीं रखते, जिस वजह से उनको मन मुताबिक फायदा नहीं मिल पाता है। आइए जानते हैं कि, किसी भी कंपनी के आइपीओ में पैसा लगाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

डीआरएचपी के बारे में जानना

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) निवेशकों को आइपीओ लॉन्च करने वाली कंपनी के बारे में गहराई से जानकारी प्रदान करता है। डीआरएचपी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसमें कंपनी की संपत्ति और देनदारियां, पिछले वर्षों में इसका प्रदर्शन और विकास, और आईपीओ लॉन्च करने के उद्देश्य से जुड़ी हर तरह की जरूरी जानकारी शामिल होती है। इसके अलावा डीआरएचपी निवेशकों को आइपीओ से संबंधित अन्य जरूरी जानकारियां भी प्रदान करता है।

आइपीओ लाने की वजह

किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले, निवेशकों को यह जरूर जान लेना चाहिए कि, आखिर वह कंपनी किस उद्देश्य से अपना आइपीओ लॉन्च कर रही है। इसके अलावा निवेशकों को कंपनी के लाभ ट्रैक रिकॉर्ड या उसके अंडर परफॉर्मेंस के बारे में भी सारी जानकारी जुटा लेना चाहिए।

कंपनी के बारे में जानकारी जुटाना

एक आईपीओ में निवेश करते समय, अपने उद्योग में कंपनी के कद, इसकी बाजार हिस्सेदारी, इसके द्वारा पेश किए जाने वाले उत्पादों और सेवाओं के प्रकार, इसकी जनसांख्यिकी, भविष्य की विस्तार योजनाओं, संकट प्रबंधन क्षमता और दक्षता आदि जैसे आवश्यक कारकों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

जोखिम कारकों पर ध्यान देना

निवेशकों को कंपनी द्वारा अपने डीआरएचपी में बताए गए जोखिम कारकों को भी ध्यान से समझना जरूरी होता है। कानूनी मामले या नीति-संबंधी परिवर्तन आदि जैसे कारक कंपनी के भविष्य के विकास की संभावनाओं को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

स्वयं का आकलन

किसी निवेशक के लिए आईपीओ में निवेश करने से पहले अपनी जोखिम लेने की क्षमता के बारे में भी जान लेना काफी जरूरी है। इससे हमें किसी आइपीओ में निवेश करना है या नहीं इस बात का आकलन करने में भी काफी सहायता मिलती है।

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