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हरियाणा

Gurugram News: नोट कर लें 5 बिल्डरों के प्रोजेक्ट के नाम, जिनमें खरीद-फरोख्त पर हरेरा ने लगाई रोक

गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी प्राधिकरण (Haryana Real Estate Regulatory Authority) ने शहर के कई लाइसेंस प्रोजेक्टस के रेरा पंजीकरण का नवीनीकरण कराने के लिए लंबित दस्तावेजों को पूरा न करने पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया।

इसके तहत चार से पांच ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिनकी कंपनी प्रबंधन को कागजात पूरा करने के लिए समय दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कंपनियां नाकाम रहीं और अब हरेरा ने उनके प्रोजेक्टस में खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है।

ज्यादातर बिल्डर कमियां दूर करने में रहे नाकाम

सबसे पहले सेक्टर 109 स्थित नियो स्क्वायर कमर्शियल प्रोजेक्ट की संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगा दी है। नियो स्क्वायर कामर्शियल प्रोजेक्ट्स का रेरा रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस दोनों खत्म हो गया है। प्रमोटर को पहले ही सात अवसर दिए जा चुके हैं और अभी भी लाइसेंस के नवीनीकरण सहित कमियों को दूर करने में कंपनी विफल रही।

नोटिस भी किया गया है जारी

प्राधिकरण के चेयरमैन केके खंडेलवाल का कहना है कि प्राधिकरण ने कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है कि प्रोजेक्ट के रेरा रजिस्ट्रेशन के एक्सटेंशन आवेदन को लाइसेंस नवीनीकरण के अभाव में खारिज क्यों नहीं किया जाए।

एक साल बाद भी नहीं जमा कराए संबंधित कागजात

इसी प्रकार सेक्टर-70ए स्थित जेन रेजिडेंस एक हाउसिंग प्रोजेक्ट का रेरा रजिस्ट्रेशन समाप्त हो गया है। बिल्डर ने एक साल पूरा होने के बाद भी रेरा रजिस्ट्रेशन के लिए जमा किए जाने वाले अधिकांश कागजों को जमा नहीं कराया। यहां पर भी प्रमोटर को प्रोजेक्ट की इकाइयों की खरीद-फरोख्त के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।

प्रबंधन कमियों को सुधारने में विफल रहे

सेक्टर 89 में एक किफायती समूह आवास परियोजना द मेरिडियन के प्रमोटर को पहले ही दस से अधिक अवसर दिए जा चुके हैं और अभी भी प्रबंधन कमियों को सुधारने में विफल रहा है। प्राधिकरण ने प्रमोटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं सेक्टर 61 में भी सेंट्रा वन प्रोजेक्ट के प्रमोटरों को 30 दिनों में कमियों का पालन करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

बिल्डरों और प्रमोटरों का मिलेगा सबक

डा. केके खंडेलवाल, चेयरमैन, हरेरा का कहना है कि यह कार्रवाई गुरुग्राम के बिल्डर एवं प्रमोटरों को एक सख्त चेतावनी है। अधिनियम रेरा 2016 एवं हरेरा नियम 2017 के हिसाब से कोई भी नया प्रोजेक्ट या वर्तमान में चल रहे प्रोजेक्ट का रेरा पंजीकरण या उसका एक्सटेंशन कराना अनिवार्य है अन्यथा उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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