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Advance Tax Payment: क्या आपने अभी तक नहीं जमा किया है एडवांस इनकम टैक्स, जानें- डिफॉल्ट करने पर कितनी देनी होगी पेनाल्टी?

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Advance Tax Payment Last Date: वित्त वर्ष 2022-23 के लिए एडवांस इनकम टैक्स भरने की अंतिम तारीख 15 मार्च है. तय समय सीमा तक अग्रिम कर का भुगतान नहीं करने पर पेनाल्टी देनी होगी.

Advance Tax Payment Deadline: वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिए अग्रिम कर के अंतिम किस्त के भुगतान की अंतिम तिथि 15 मार्च है. . आयकर विभाग ने हाल ही में करदाताओं से अग्रिम कर की आखिरी किस्त का भुगतान तय तारीख तक करने की अपील की थी.

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कर विभाग ने एक ट्वीट में कहा, 15 मार्च, 2023 तक अग्रिम कर की चौथी और अंतिम किस्त का भुगतान करना याद रखें. “करदाताओं ध्यान दें! एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त के भुगतान की आखिरी तारीख करीब आ गई है!

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एडवांस टैक्स क्या है?

अग्रिम कर आयकर की वह राशि है, जिसका भुगतान वित्तीय वर्ष के अंत में एक मुश्त राशि के बजाय आयकर विभाग की देय तिथियों के अनुसार किस्तों में किया जाना चाहिए. प्रथम किस्त अर्थात कुल राशि का 15 प्रतिशत 15 जून तक भुगतान करना होगा. द्वितीय किस्त अथवा कर की 45 प्रतिशत राशि का भुगतान 15 सितम्बर तक किया जाना है. अग्रिम कर के 75 प्रतिशत की तीसरी किस्त 15 दिसंबर तक चुका दी जाए. शेष राशि या 100 प्रतिशत कर का भुगतान 15 मार्च या उससे पहले किया जाना चाहिए.

इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति जिसकी वर्ष के लिए अनुमानित कर देनदारी 10,000 रुपये या उससे अधिक है, धारा 208 के अनुसार अग्रिम कर के रूप में अग्रिम कर का भुगतान करेगा. आयकर की गणना आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) के प्रावधानों के अनुसार की जाती है

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हालांकि, यह नियम उन वरिष्ठ नागरिकों पर लागू नहीं होता है, जिन्हें कोई अग्रिम कर नहीं देना होता है, जब तक कि उनके पास व्यवसाय या पेशे से आय न हो.

एडवांस टैक्स नहीं देने पर पेनाल्टी

जब कोई करदाता देय तिथि से पहले अपने आयकर का भुगतान करने में विफल रहता है, तो वे धारा 234बी और 243सी के तहत भुगतान न किए गए कर पर ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे.

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यदि कोई व्यक्ति अग्रिम कर देयता का भुगतान करने में विफल रहता है या निर्दिष्ट देय तिथियों पर या उससे पहले किसी भी किस्त को चूक जाता है या भुगतान में कमी होती है, तो देय राशि पर पहली 3 तिमाहियों के लिए 3% प्रति तिमाही और अंतिम तिमाही के लिए 1% का ब्याज वसूला जाता है. एक व्यक्ति अप्रैल से (वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद) अग्रिम कर की कमी पर 1% प्रति माह की दर से अतिरिक्त ब्याज का भुगतान करने के लिए भी उत्तरदायी होगा, यदि ऐसे व्यक्ति द्वारा भुगतान किया गया अग्रिम कर कुल देय कर का 90% से कम है.

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