All for Joomla All for Webmasters
मनोरंजन

Javed Akhtar को याद आया ऋतिक रोशन और कंगना रनौत का वो विवादित रात, कोर्ट में किया सच का खुलासा

Javed Akhatar: बॉलीवुड इंडस्ट्री में अगर बेबाकी के लिए कोई जाना जाता है तो वो दो शख्स हैं कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और जावेद अख्तर (Javed Akhatar). दोनों हस्तीयां अपने विचारों को बिना किसी फिल्टर के सामने रखते हैं. दोनों अपने विचारों को लेकर काफी स्पष्ट हैं. जावेद ने उन दिनों को याद करते हुए अदालत में खुल कर बात की जब  तीन साल पहले अपने आरोपों के लिए एक्ट्रेस के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज हुआ था.  2016 में ऋतिक रोशन के साथ चल रहे झगड़े के दौरान कंगना जावेद के घर आई थीं. 

ये भी पढ़ें–  बिना एक्ट्रेस के बनीं ये 6 फिल्में, एक्टर्स ने कर दिखाया कमाल, दर्शकों को नहीं खली जरा भी कमी

ऋतिक ने कंगना पर किया था कानूनी कार्रवाई

 2014 में बॉलीवुड के गलियारों में कंगना और ऋतिक के अफेयर की खबरें खूब उड़ी थी, लेकिन कंगना की तरफ से चीजें दोनों के बीच में अच्छी तरह से खत्म नहीं हुईं, जिसके बाद एक्ट्रेस ने ऋतिक को टारगेट करने का कोई मौका नहीं छोड़ा. ऐसे में ऋतिक ने 2016 के आसपास कंगना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की. जिसमें ऋतिक ने उनके अफेयर के बारे में गलत बातें कहने के लिए सार्वजनिक माफी मांगने की

मांग की. इसके बाद 2020 में, कंगना ने जावेद अख्तर पर आरोप लगाया कि उन्होंने कंगना को  धमकी दी और ऋतिक से माफी मांगने को कहा क्योंकि वो और उनके पिता राकेश रौशन इंडस्ट्री के बड़े और ताकतवर लोग हैं.

ऋतिक और कंगना विदवाद से मेरा कोई लेना-देना नहीं

इस पूरे मुद्दे पर जावेद अख्तर ने मंगलवार को  मुंबई में अंधेरी मजिस्ट्रेट की अदालत में खुलासा किया कि कंगना रनौत जिस रात को उनके घर गई थीं, उस रात क्या हुआ था. उन्होंने बताया कि वो नहीं बल्कि उनके दोस्त डॉ रमेश अग्रवाल कंगना से बात करना चाहते थे. जावेद ने  खुलासा किया कि वो उस वक्त वह कंगना को जानते भी नहीं थे और ऋतिक के साथ चल रहे विवाद से मेरा कोई लेना-देना नहीं है. कंगना को डॉक्टर अग्रवाल ने कॉल किया था, जिनका उनके साथ काफी करीबी रिश्ता था. 

ये भी पढ़ें– Patanjali Foods के निवेशकों को होगी छप्परफाड़ कमाई, कंपनी ने बताया अपना बिजनेस प्लान

जावेद अख्तर ने किया खुलासा

एक इंटरव्यू में इस मुद्दे पर बात करते हुए जावेद ने कहा, “आप कंगना से आज्ञाकारिता की उम्मीद करते हैं, इसे आज्ञाकारिता नहीं कहा जाता है, बल्कि किसी चीज़ के लिए संभावना … किसी तरह का समाधान कहा जाता है.  वे मेरे घर आई, उन्हें मैंने फोन पर इस मिटिंग का एजेंडे के बारे में बता दिया था. मैनें उन्हें 2016 के  मौसम के बारे में या राजनीतिक मुद्दे या अमेरिका के चुनाव पर चर्चा करने के लिए नहीं बुलाया था.” 

Source :
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लोकप्रिय

To Top