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मध्य प्रदेश

70 साल बाद इस राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से पहुंचेंगे 8 चीता, 900 वर्ग किमी में फैला है पार्क, टूरिस्ट ऐसे पहुंच सकते हैं यहां

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Kuno National Park Madhya Pradesh: 70 साल बाद मध्य प्रदेश के कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से 8 चीते पहुंचेंगे. जिनमें 5 मादा चीते और 3 नर चीते होंगे. इस तरह से भारत से 1952 में विलुप्त घोषित हुए चीतों को सैलानी एक बार फिर से इस राष्ट्रीय उद्यान में देख सकेंगे.

Kuno National Park Madhya Pradesh: 70 साल बाद मध्य प्रदेश के कुनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से 8 चीते पहुंचेंगे. जिनमें 5 मादा चीते और 3 नर चीते होंगे. इस तरह से भारत से 1952 में विलुप्त घोषित हुए चीतों को सैलानी एक बार फिर से इस राष्ट्रीय उद्यान में देख सकेंगे. 900 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ कुनो वन्यजीव अभ्यारण्य इसके बाद सैलानियों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बन जाएगा और इस क्षेत्र में पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा. सबसे अहम है कि दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से इन चीतों को 17 सितंबर यानी दो दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के दिन भारत लाया जाएगा. इसके बाद सैलानियों को इस राष्ट्रीय उद्यान में चीते दौड़ते हुए दिखेंगे जो अपने आप में एक दुर्लभ नजारा होगा.

हेलीकॉप्टर से कुनो राष्ट्रीय पार्क पहुंचेंगे 8 चीते

कुनो राष्ट्रीय पार्क में ये 8 चीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से महज दो घंटे पहले पहुंचेंगे. इन्हें एक साथ हेलीकॉप्टर में यहां लाया जाएगा. यह हेलीकॉप्टर 748 वर्ग किलोमीटर के कुनो नेशनल पार्क के कोर एरिया के अंदर बाड़े से 200 मीटर दूर उतरेगा. नामीबिया से इन 8 चीतों की मेजबानी के लिए कुनो राष्ट्रीय पार्क में 50×30 मीटर का संगरोध बाड़ा तैयार किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत में इन चीतों की प्रजातियों के पुन: आगमन पर खुद इन्हें अपने जन्मदिन के मौके पर इस राष्ट्रीय उद्यान में छोडेंगे. इस तरह यह अनूठा मिशन अपने आप में ही खास होने वाला है. नामीबिया की राजधानी विंडहोक से कस्टमाइज्ड बोइंग 747-400 एयरक्राफ्ट के जरिए इन चीतों को भारत लाया जाएगा. रातभर यात्रा करने के बाद 17 सितंबर की सुबह चीते जयपुर एयरपोर्ट पर उतरेंगे. जहां से उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए मध्यप्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में लाया जाएगा. जहां इन चीतों को रखा जाएगा वहां शेड तैयार हो चुका है.

इस मिशन के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 24 गांवों को पूरी तरह से खालीकर वहां रहने वालों का पुर्नवसन कर दिया है. इन चीतों के भारत आने से पहले ही नामीबिया व दक्षिण अफ्रीका के वन्य जीव विशेषज्ञों का टीम कुनो राष्ट्रीय उद्यान का दौरा कर चुकी है और अपनी संतुष्टि जता चुकी है.

कुनो राष्ट्रीय उद्यान के बारे में जानिये

कुनो राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के चंबल इलाके में स्थित है. यह जगह वन्यजीव प्रेमियों के सैर के लिए सबसे उपयुक्त है. यहां आप जंगल का अनुभव लेने के साथ ही विभिन्न तरह के जंगली जानवरों को देख सकते हैं. जिनमें अब भारत से विलुप्त हुए चीते भी शामिल होंगे. इस राष्ट्रीय पार्क में आप विशाल घास के मैदानों में दर्जनों वन्य जीव देख सकते हैं. अब राष्ट्रीय उद्यान बन चुका यह क्षेत्र लगभग 350 वर्ग किलोमीटर के अभयारण्य के रूप में शुरू हुआ था. यहां कुनो नदी बहती है. जो न केवल क्षेत्र में लगातार पानी की आपूर्ति बनाए रखने में मदद करती है बल्कि जंगल को अंदर से सींचने में भी मददगार है. इसी वजह से इस संरक्षित क्षेत्र का नाम कुनो पड़ा है. पार्क बड़े कुनो वन्यजीव प्रभाग के भीतर स्थित है जिसका कुल क्षेत्रफल 1235 वर्ग किमी है.

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान लगभग 900 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है. 1981 में इस वन्यजीव अभ्यारण्य के लिए 344.68 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र निश्चित किया गया था. बाद में इस क्षेत्र में वृद्धि की गयी. इस वन्यजीव अभ्यारण में भारतीय भेड़िया, बन्दर, भारतीय तेंदुआ तथा नीलगाय जैसे जानवर पाए जाते हैं.

कैसे पहुंचे कुनो राष्ट्रीय उद्यान?

बाय एयर

निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर हवाई अड्डा है जो मुरैना से लगभग 30 किलोमीटर, भिंड से लगभग 80 किलोमीटर और श्योपुर जिले से लगभग 210 किलोमीटर दूर स्थित है.

ट्रेन द्वारा

मुरैना और भिंड जिले में रेलवे स्टेशन है और श्योपुर को संकीर्ण गेज के माध्यम से मुरैना और ग्वालियर से जोड़ा जाता है.

सड़क के द्वारा

सभी जिले बस द्वारा अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं. पर्यटक स्वयं या किराए के वाहन के जरिए यहां पहुंच सकते हैं.

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