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हेल्थ

बार-बार ब्लड सैंपल देने से अब आपको मिलेगा छुटकारा! कोविड, फ्लू, सांस सहित इन बीमारियों के लिए भी ICMR बना रहा नया प्लान

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने एक ऐसे टेस्ट किट (Test Kit ) विकसित किया है, जिसमें कोविड (Covid-19), एनफ्लुएंजा (Influenza) और आरएसवी (Respiratory Syncytial Virus) यानी सांस संबंधी बीमारी की जांच एक साथ हो सकेगी. आईसीएमआर के मुताबिक, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के लिए भी एक ही तरह के टेस्ट किट बहुत जल्द ही विकसित कर लिए जाएंगे.

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नई दिल्ली. अगर आप एक ही तरह की बीमारी जैसे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया (Dengue, Malaria and Chikungunya) के लिए बार-बार ब्लड सैंपल (Blood Sample) देने से परेशान हैं तो यह खबर आपके मतलब की है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने एक ऐसे टेस्ट किट (Test Kit ) विकसित किया है, जिसमें कोविड (Covid-19), एनफ्लुएंजा (Influenza) और आरएसवी (Respiratory Syncytial Virus) यानी सांस संबंधी बीमारी की जांच एक साथ हो सकेगी. आईसीएमआर के मुताबिक, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के लिए भी एक ही तरह के टेस्ट किट बहुत जल्द ही विकसित कर लिए जाएंगे. इससे मरीजों को पैसे और समय दोनों की बचत होगी.

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आईसीएमआर (Indian Council of Medical Research) ने कहा है कि हमने लोगों में अक्सर होने वाले सात किस्म के संक्रमणों को चिन्हित किया है. इन 6-7 प्रचलित वायरस या संक्रमणों की जांच के लिए अब एक टेस्ट ही विकसित किया जाएगा. आईसीएमआर के मुताबिक, बहुत जल्द ही इन शोधकर्ता कंपनियों से टेस्ट विकसित करने के लिए एक प्रस्ताव आमंत्रित करेगा. डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे बीमारियों को एक टेस्ट में शामिल किया जाएगा. आईसीएमआर ने कहा है कि ये टेस्ट किट विदेशी किट की तुलना में सस्ते होंगे.

इन बीमारियों की जांच अब होगी एक साथ
आईसीएमआर ने कहा है कि एक शोधकर्ता कंपनी एक टेस्ट से तीन बीमारियों की जांच विकसित की है. वह कंपनी अब इसे बाजार में लाने जा रही है. कोविड की जांच इससे 250 रुपये में की जा सकेगी. दूसरे टेस्ट महंगे हैं, लेकिन अब 250 रुपये में ही तीन जांच हो सकेगी. बता दें कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (National Institute of Virology) ने भी एक किट के जरिये तीन संक्रमणों- इन्फ्लुएंजा ए, बी और सार्स-सीओवी-2 (SARS-CoV-2) का पता लगाने के लिए पहली स्वदेशी टेस्ट किट विकसित की है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी चाहता है कि इच्छुक कंपनियां इसे बड़े पैमाने पर बाजार में उतारने के लिए आगे आएं.

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पैसे के साथ-साथ समय की भी होगी बचत
आईसीएमआर ने कहा है कि यह एक टेस्ट के जरिये तीन संक्रमणों का पता लगाने का एक आसान, समय बचाने वाला और कुशल तरीका होगा. सिंगल ट्यूब का मतलब है कि एक इंसान के सिंगल नमूने का उपयोग करके हम कई संक्रमणों का पता लगाने में सक्षम होंगे. टेक्नीशियनों को सैंपल की अलग से जांच नहीं करनी होगी. इन तीनों संक्रमणों के लक्षण ओवरलैप होते हैं, जिससे इस तरह की किट विशेष रूप से फ्लू के मौसम में उपयोगी होती है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी अब लाइसेंस लेने वाली कंपनियों को ‘सामाजिक लाभ के लिए टेक्नोलॉजी का व्यावसायीकरण करने में सक्षम बनाने के लिए’ इस टेक्नोलॉजी को सौंपना चाहता है. ऐसे में अब लोगों को आने वाले दिनों में जांच कराने में जो कई दिन लग जाते थे, उससे निजात मिल जाएगी.

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