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उत्तराखंड

देहरादून: राष्ट्रीय खाद्य में मुफ्त राशन का नहीं आया शासनादेश, जिले में 12 लाख हैं उपभोक्ता

नए सत्र यानि अप्रैल माह से जिलापूर्ति कार्यालय के पास अभी तक राष्ट्रीय सुरक्षा योजना अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ताओं को वितरित किए जा रहे मुफ्त राशन का शासनादेश नहीं आया है। जिले में करीब 1008 सरकारी सस्ते-गल्ले की दुकानें हैं ।

जागरण संवाददाता, देहरादून: राष्ट्रीय सुरक्षा योजना अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ताओं को वितरित किए जा रहे मुफ्त राशन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नए सत्र यानि अप्रैल माह से मुफ्त राशन वितरण को लेकर शासन से जिलापूर्ति कार्यालय के पास अभी तक शासनादेश नहीं आया है।

डीएसओ जसवंत सिंह कंडारी का कहना है शासन से मुफ्त राशन का शासनादेश मार्च 2022 तक का है, लेकिन नए सत्र में राशन वितरण का शासनादेश नहीं आया है। जिले में करीब 1008 सरकारी सस्ते-गल्ले की दुकानें हैं और करीब 12 लाख राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के राशन उपभोक्ता हैं। वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य के राशन कार्डधारकों को प्रति यूनिट दो किलो गेहूं और तीन किलो चावल दिया जा रहा है। राशन विक्रेता बीडी शर्मा का कहना है पूर्ति विभाग से आदेश जारी हुए हैं कि अप्रैल में मुफ्त राशन का चालान न लगाया जाए। ऐसे में अप्रैल माह से इस योजना के तहत मुफ्त राशन मिलेगा या नहीं, इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

कोटद्वार: जयहरीखाल ब्लाक के अंतर्गत बड़गांव में कई दिनों से जंगली सूअरों का आतंक बना हुआ है। आए दिन सूअर आबादी में पहुंचकर किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली सूअर के आतंक से निजात दिलवाने की मांग की है।

मंगलवार रात बड़गांव क्षेत्र में पहुंचे हाथियों के झुंड ने काश्तकारों की मटर व सरसों की फसल बर्बाद कर दी। ग्रामीण बलवीर सिंह व विनोद सिंह ने बताया कि उन्होंने मटर व सरसों की फसल बोई थी, लेकिन जंगली जानवर उसे पूरी तरह बर्बाद कर गए। कहा कि फसल बर्बाद होने से काश्तकारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। दिन में बंदर और रात में जंगली सूअर, खरगोश व अन्य जानवर फसलों को रौंद रहे हैं। लगातार हो रहे फसल नुकसान से ग्रामीण खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।

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