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पेंसिल और शार्पनर पर अब नहीं लगेगा कर, राज्यों को 16,982 करोड़ रुपए के GST कंपनसेशन उपकर को मंजूरी मिलेगी: वित्त मंत्री

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज जीएसटी परिषद की मीटिंग के बाद कई बड़े ऐलान किये हैं.

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नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज जीएसटी परिषद की मीटिंग के बाद कई बड़े ऐलान किये हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि जून 2022 के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति (कंपनसेशन) उपकर 16,982 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा. जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने बताया कि एकाउंटेंट जनरल (एजी) प्रमाण पत्र जमा करने वाले छह राज्यों को 16,524 करोड़ रुपये भी जारी किए जाएंगे. दिल्ली, तमिलनाडु और तेलंगाना उन छह राज्यों में शामिल हैं, जिन्होंने एजी प्रमाणपत्र जमा किए हैं. हालांकि जीएसटी मुआवजे की मांग के लिए एजी प्रमाण पत्र जमा करना जरुरी है, सीतारमण ने कहा कि यह पूर्व-आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि 90 प्रतिशत धनराशि वैसे भी राज्यों को जारी की जाती है, जबकि शेष राशि एजी प्रमाणपत्र जमा करने के बाद दी जाती है.

विज्ञान भवन में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक में अपीलीय न्यायाधिकरणों की स्थापना और पान मसाला और गुटखा व्यवसायों में कर चोरी को रोकने से संबंधित मामलों पर चर्चा हुई. पान मसाला के कराधान पर मंत्रियों के समूह (जीओएम) की रिपोर्ट को परिषद ने स्वीकार कर लिया.

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बैठक में जीएसटी परिषद ने पेंसिल शार्पनर और कुछ ट्रैकिंग उपकरणों पर जीएसटी को कम करने का निर्णय लिया. वाशरियों को आपूर्ति किए गए कोयले के रिजेक्ट पर छूट भी परिषद द्वारा अनुमोदित की गई थी. साथ ही, खुले में बेचे जाने वाले एक प्रकार के तरल गुड़ पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है. अगर इसे प्री-पैकेज्ड और लेबल किया गया है तो इस पर टैक्स की दर 5 फीसदी होगी.

जीएसटी परिषद ने वार्षिक रिटर्न दाखिल करने में देरी के लिए विलंब शुल्क के युक्तिकरण की भी सिफारिश की. हालांकि, एसयूवी और एमयूवी के लिए फिटमेंट कमेटी द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जा सका. सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत अदालतों और न्यायाधिकरणों द्वारा आपूर्ति की जाने वाली सेवाओं पर कर लगाने का फैसला किया है.

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उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले को भाषा में बदलाव के साथ स्वीकार कर लिया गया है और मसौदे में संशोधन एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा. सीतारमण ने कहा कि उन्हें जीएसटी न्यायाधिकरणों पर जीओएम रिपोर्ट को मामूली संशोधनों के साथ अंतिम रूप देने की उम्मीद है ताकि यह 1 मार्च तक तैयार हो जाए और इसे वित्त विधेयक में शामिल किया जा सके. वित्त मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग पर जीओएम की रिपोर्ट को बैठक में नहीं लिया जा सका क्योंकि जीओएम के अध्यक्ष मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके.

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